Vivekanada Kendra

Vivekanada Kendra

vk

...

Vivekananda Vani

That love which is perfectly unselfish, is the only love, and that is of God.  -Swami Vivekanada                                                                                                                                                            Slave wants power to make slaves.  -Swami Vivekanada                                                                                                                                                            The goal of mankin is knowledge.  -Swami Vivekanada                                                                                                                                                            In the well-being of one's own nation is one 's own well-being.  -Swami Vivekanada                                                                                                                                                            If a Hindu is not spiritual, I do not call him a Hindu.  -Swami Vivekanada                                                                                                                                                            Truth alone gives strenght........ Strenght is the medicine for the world's disease.  -Swami Vivekanada                                                                                                                                                           

Monday, 2 July 2018

दिवस 01,जुलाई 2018 मना राष्ट्रीय डाॅक्टर्स डे

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,
बीना, जिला- सागर

निरंतर अध्ययन से बनाएं अपने आप को बेहतर चिकित्सकः डाॅ. अधिकारी
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में मना राष्ट्रीय डाॅक्टर्स डे


      बीना विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 01,जुलाई 2018 के अवसर पर चिकित्सालय सभागार में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुब्रत अधिकारी ने की। कार्यक्रम के शुभारंभ में डाॅ. अधिकारी ने सभी चिकित्सकों को पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया तत्पश्चात् चिकित्सक दिवस के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होने सभी को बताया कि देश के महान और चिकित्सा सेवा क्षेत्र के लिए समर्पित व्यक्तित्व डाॅ. बी.सी. राॅय के जन्मदिन को पूरा देश राष्टीय चिकित्सक दिवस के रूप में मनाता है। डाॅ. अधिकारी ने सभी चिकित्सकों से आव्हान किया कि वे चिकित्सा सेवा क्षेत्र में नित नूतन अनुसंधान और दवाओं के बारे में अध्ययन करते रहे। हम जितना ज्यादा विषय सामग्री का अध्ययन करेंगे उतना अधिक हम बेहतर उपचार कर सकेंगे।
     कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डाॅ. मंजिरी प्रभात जोशी ने इस अवसर पर कहा कि आज समाज में चिकित्सक के प्रति लोगों का व्यवहार तेजी से बदल रहा है। ऐसे में यह हमारा ही दायित्व है,कि समाज में चिकित्सक के प्रति पहले के जैसा आदर और सम्मान का वातावरण बनाएं। निश्चेतना विशेषज्ञ डाॅ. भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना अति आवश्यक है। जिसमें सभी चिकित्सकों को अपना योगदान देना होगा। शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. मधु माला ंिसंह ने कहा कि हमें एक स्वस्थ्य समाज का निर्माण करना है, तो स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लानी होगी हमारा प्रयास हो कि लोग कम से कम बीमार पडे ताकि लोगों को स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च में कटौति लाने की आदत बनें। लेकिन यदि कोई बीमार है, तो उसे निसंकोच चिकित्सक के पास आने वाला माहौल भी हम ही बनाएं। चिकित्सक को समाज में ईश्वर के पर्याय के रूप में देखा जाता है, अतः हमें अपना स्थान याद रखते हुए समाज में लोगों के साथ व्यवहार करना चाहिए।
     डाॅ. एस.एन. उपाध्याय ने सभी चिकित्सकों से अपील की कि सभी चिकित्सक हमेशा निष्पक्ष व निःस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करें, ताकि हम क्षेत्र में गरीब और असहाय मरीजों की सेवा उच्चतम मानदण्डों पर कर सकें। कार्यक्रम में डाॅ. नीलेश नगाईच ने एक सुंदर कविता का पाठ किया। कार्यक्रम में चिकित्सकों के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ,आफिस स्टाफ के सदस्य भी उपस्थित रहे। अंत में चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुब्रत अधिकारी ने सभी को स्वस्थ रहे ऐसी शुभकामना देकर कार्यक्रम का समापन किया। अंत में मिष्ठान वितरण भी किया गया।


प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना

Saturday, 23 June 2018

दिनांक 19 जून से 23 जून स्थापना दिवस के उपलक्ष में शुरु हुआ पाँच दिवसीय कार्येक्रम

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,
बीना, जिला- सागर
पांच दिवसीय स्थापना दिवस में रक्तदान और प्रेरणास्पद व्याख्यान, योगाभ्यास, पौध वितरण तथा भजन संध्या का भी हुआ आयोजन  

       बीना विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के नौवें स्थापना दिवस के अवसर पर चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा पांच दिवसीय कार्यक्रम श्रंखला का आयोजन किया। जिसके तहत् वेश के प्रख्यात साहित्यकार व देवपुत्र मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक श्री कृष्णकुमार आष्ठाना जी का प्रबोधन सत्र, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, अन्तरराष्टीय योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम, चिकित्सालय के सदस्यों को पौधों का वितरण तथा भजन संध्या का आयोजन किया गया। सभी कार्यक्रमों में चिकित्सालय के चिकित्सक, पैरामेडिकल व अन्य स्टाफ के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया। वहीं चिकित्सालय के उत्तरोत्तर प्रगति हेतु वरिष्ठजनों से शुभकामनाएं भी प्रदान की। 
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुब्रत अधिकारी के मार्गदर्शन में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के नौवें स्थापना दिवस 23 जून 2018 के अवसर पर पांच दिवसीय कार्यक्रम तय किए गए जिसका शुभारम्भ दिनांक 19 जून को हुआ। वहीं समापन 23 जून 2018  को भजन संध्या व मिष्ठान वितरण से किया गया। उल्लेखनीय है कि चिकित्सालय की स्थापना 23 जून 2010 में भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री यूएन जोशी व विवेकानन्द केन्द्र के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष माननीय श्री ए.बालकृष्णन् जी के मुख्यातिथ्य में हुआ था। इस मौके पर अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे थे।

जीवनव्रती कार्यकर्ताओं ने देश के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचाया केन्द्र कार्यः कृष्णकुमार



     विवेकानन्द शिलास्मारक और केन्द्र की स्थापना से ही जुडे वरिष्ठ समाजसेवी व केन्द्र कार्यकर्ता एवं प्रधान संपादक देवपुत्र मासिक पत्रिका, इन्दौर श्री कृष्णकुमार आष्ठाना जी ने दिनंाक 19 जून 2018 को आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम में बताया कि वे माननीय एकनाथ जी रानाडे के सम्पर्क में सन् 1956 में आए और उनके सानिध्य में राष्टीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष में करीब एक माह रहने का अवसर मिला। उनकी जीवन शैली और संकल्प शक्ति का परिचय नजदीक से मिला। जब शिलास्मारक का निर्माण हुआ तो उनकी अद्वितीय प्रतिभा का परिचय पूरे देश को मिला। किस प्रकार से चुनौतियों को अवसर में बदल कर वे कार्य करते थे, ये सबने जाना। वे हर कार्य को पूर्णता प्रदान किए बिना चैन से नहीं बैठते थे। देश के लिए समर्पित जीवनव्रती कार्यकर्ता का निर्माण किया और पूर्वोत्तर राज्यों मे केन्द्र का कार्य खडा किया। 
      श्री आष्ठाना जी ने बताया कि एकनाथ जी हमें कहा करते थे कि हमें पूरे समाज को अपने साथ लाना है, हो सकता है आज कुछ लोग साथ नहीं होंगे किन्तु आने वाले समय में उन्हे भी हम साथ ले यही हमारी योजना होनी चाहिए। इस देश को आजादी दिलाने में हजारों लाखों क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व होम कर दिया तब जाकर हमें आजादी मिली और अब हमारा कर्तव्य है, कि हम अपने देश के प्रति सजग और वफादार रहे। समाज को संगठित करने के लिए सदैव तत्पर रहे। उन्होने आगे कहा कि यदि हमें अपने समाज को संगठित रखेंगे तो ना तो पाकिस्तान हमारे सामने टिकेगा और ना ही चीन हमें धमका सकेगा। इसलिए हमें हमेशा अपने बंधु बांधवों को साथ लेकर चलने की आदत डालनी होगी। उन्होने बताया कि माननीय नरेन्द्र मोदी और राष्ट संत श्री गोविंद देव गिरी जी भी माननीय एकनाथ जी के संगठन कौशल और उनके व्यक्तित्व के कायल थे। हमें भी उनके पदचिन्हों पर चलकर एक आदर्श समाज की रचना करनी है। 
   कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुब्रत अधिकारी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि यह हमारा सौभाग्य है, कि आज ऐसे मनीषी हमारे बीच आए जिन्होने माननीय एकनाथ जी के साथ काम किया है,  और आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है। डाॅ. अधिकारी ने श्री कृष्णकुमार आष्ठाना जी को शाॅल, विवेकानन्द केन्द्र साहित्य और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन  चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी गिरीश कुमार पाल व आभार प्रदर्शन स्टोर इंचार्ज श्री धन्नालाल प्रजापति ने किया। उक्त अवसर पर चिकित्सालय के सभी चिकित्सक व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

एक व्यक्ति का रक्त बचाता है चार जिंदगीः उमेश चद्र उपाध्याय

      विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय व चैन्नई राधा इंजीनियरिंग वक्र्स प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 20 जून 2018 को चिकित्सालय में जिला चिकित्सालय सागर के रक्तकोष विभाग के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के उद्घाटन सत्र में भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रसिडेंट, मानव संसाधन श्री उमेश चंद्र उपाध्याय मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होने इस मौके पर सभी को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान एक महान कार्य है, जिससे हम जरूरतमंद लोगों की जान बचा सकते है। रक्तदान से हमें कोई हानि नहीं होती बल्कि नई उर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। एक व्यक्ति द्वारा किए रक्तदान से चार जीवन बचाए जा सकते है। चिकित्सालय परिवार हर वर्ष रक्तदान के कार्यक्रम आयोजित करता है, जो कि प्रशंसनीय कार्य है। 
      चैन्नई राधा कंपनी के स्थानीय प्रबंधक इलाबर्जन ने बताया कि उनकी कंपनी के संस्थापक चैयरमैन के जन्मदिवस के अवसर पर पूरे देश ही नहीं अपितु विदेशों में जहां उनकी कंपनी कार्यरत है, वहा सभी जगह आज के दिन रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते है। आज के दिन कंपनी द्वारा करीब नौ हजार यूनिट का रक्तदान होता है। शिविर में स्वागत भाषण देते हुए चिकित्सा अधीक्षक महोदय डाॅ. सुब्रत अधिकारी ने कहा कि रक्तदान से हमें समाज के ऐसे वर्ग से जुडने का अवसर मिलता है, जो जीवन के लिए संघर्ष कर रहे होते है। रक्तदान से हमारे शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती बल्कि नए रक्त के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो जाती है। कार्यक्रम में शिविर संयोजक एवं चिकित्सालय के निश्चेतना विशेषज्ञ डाॅ. भूपेन्द्र कुमार सिंह ने शिविर के महत्व पर प्रकाश डाला। शिविर में बीओआरएल के वाइस प्रसिडेंट, मानव संसाधन विभाग श्री विश्वास सक्सैना जी ने भी रक्तदान किया। 
      इस मौके पर चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल ने 29 वीं बार रक्तदान किया। शिविर में सिविल अस्पताल बीना के ब्लड स्टोरेज प्रभारी डाॅ. वीरेन्द्र ठाकुर सहित अन्य समाजसेवी भी सहयोग हेतु शामिल रहे। कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय सागर के रक्तकोष प्रभारी डाॅ. श्री  दीक्षित व उनकी टीम को विवेकानन्द साहित्य भेंट कर अभिनंदन किया गया। शिविर में 71 यूनिट रक्तदान किया गया। सभी रक्तदाताओं को जिला चिकित्सालय के रक्तकोष द्वारा प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। 

प्रतिदिन योग का संकल्प लेकर मनाया योग दिवस

    विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के नौवें स्थापना दिवस के अवसर पर 21 जून 2018 को अन्तरराष्टीय योग दिवस के दिन शाम कोे योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम प्रभारी डाॅ. संगीता जैन ने योग का महत्व सभी के समक्ष रखा और कहा कि हमें नियमित योग का अभ्यास करना चाहिए। योग के नियमित अभ्यास से हमें ना सिर्फ रोगों पर विजय पाते है, बल्कि हमारी कार्य कुशलता भी बढती है। योगाभ्यास के बाद सभी ने नियमित योग करने का संकल्प लिया। सभी योगाभ्यासियों को योग का अभ्यास चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल व वार्ड स्टाफ श्री आनंद चढार ने कराया। वहीं प्रातः काल बीओआरएल टाउनशिप में श्री नीरज जैन व विवेकानन्द विहार कौलोनी के पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्क में श्री राहुल उदैनिया ने योगाभ्यास कराया। तीनों योगाभ्यास के कार्यक्रमों में कुल उपस्थिति 32 रही। 

फलदार और धार्मिक महत्व के पौधों का किया वितरण

      विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के नौवें स्थापना दिवस समारोह के कार्यक्रम श्रंखला में दिनांक 22 जून 2018 को प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एसएन उपाध्याय व अन्य चिकित्सकों द्वारा चिकित्सालय स्टाफ को फलदार व धार्मिक महत्व के पौधों का वितरण किया और सभी को संकल्प कराया कि वे अपने अपने निवास स्थान के समीप इन पौधों का रोपण करेंगे और नियमित रूप से पानी व खाद देंगे। इस मौके पर चिकित्साधिकारी डाॅ. नीलेश नगाईच, डाॅ. तरूणा बडकुल तथा आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डाॅ. आशीष तिवारी, चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमा

र पाल उपस्थित रहे। इस मौके पर पौध वितरण कार्यक्रम के प्रभारी श्री धन्नालाल प्रजापति द्वारा पौधों के महत्व व उनके रख-रखाव पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में तुलसी, आम, कटहल, जामुन, अमरूद, बेलपत्र, नींबू आदि के 35 पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के पश्चात् सभी सदस्यों को शीतल आमरस का वितरण भी किया गया।

मधुर भजनों के बाद ध्यान कर लिया सेवा का संकल्प 

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के नौवें स्थापना दिवस पर दिनांक 23 जून 2018 की शाम एक भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें चिकित्सालय परिवार के सदस्यों ने शिव, राम,कृष्ण तथा मिश्र भजनों की मधुर प्रस्तुति दी। भजन संध्या में डाॅ मंजिरी जोशी तथा अन्य स्टाफ की उपस्थिति रही। संयोजक श्री रीतेश रस्तोगी ने सभी के भजनों का सार अंत में बताया और कहा कि भजनों के गायन, श्रवण और मनन से मन शांत होता है। यदि हम नियमित रूप से भजन गाते या गुनगुनाते है, तो अनेक प्रकार की मनोदैहिक व्याधियों से बचे रहते है। भजन संध्या का समापम केन्द्र प्रार्थना तथा शांति पाठ से किया गया  तथा अंत में मिष्ठान वितरण के साथ पांच दिवसीय कार्यक्रमों का विधिवत समापन किया गया। 


प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना