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Vivekananda Vani

That love which is perfectly unselfish, is the only love, and that is of God.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            Slave wants power to make slaves.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            The goal of mankind is knowledge.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            In the well-being of one's own nation is one 's own well-being.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            If a Hindu is not spiritual, I do not call him a Hindu.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            Truth alone gives strength........ Strength is the medicine for the world's disease.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                           

Sunday, 8 December 2019

दिनांक 03 दिसम्बर से लेकर 07 दिसम्बर 2019 किशोरी बालिकाओं के समग्र स्वास्थ्य के लिए भगिनी निवेदिता किशोरी विकास योजना का संचालन

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय
बीना, जिला- सागर (म.प्र.)

किशोरी बालिकाओं का किया स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त की कमी को दूर करने दी दवाएं
👉🏻विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय ने पांच गांवों की 215 किशोरी बालिकाओं का किया स्वास्थ्य परीक्षण।
👉🏻किशोरी बालिकाओं को दवाओं के साथ दिया पूरक आहार और बताए स्वस्थ्य रहने दिया स्वास्थ्य परामर्श।

 
 बीना। भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत चयनित गांवों में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय द्वारा किशोरी बालिकाओं के समग्र स्वास्थ्य के लिए भगिनी निवेदिता किशोरी विकास योजना का संचालन विगत तीन वर्ष से किया जा रहा है। इसी योजना के तहत दिनांक 03 दिसम्बर से 07 दिसम्बर तक पांच गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और किशोरियों को पूरक आहार भी प्रदान किया गया। शिविर में 215 किशोरियों का परीक्षण किया गया।
       विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. मंजिरी जोशी ने जानकारी देते हुए बताया है, कि स्वामी विवेकानन्द की अनन्य शिष्या मार्गरेट नोबल जिन्हे भारत में आने पर भगिनी निवेदिता का नाम दिया गया। उन्होने बालिकाओं को शिक्षा, संस्कार, देने के साथ ही एवं स्वावलंबन का पाठ भी पढाया। उनके नाम से विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय ने यह भगिनी निवेदिता किशोरी विकास योजना शुरू की थी। जिसका सफल संचालन किया जा रहा है। 
      दिनांक 03 दिसम्बर से लेकर 07 दिसम्बर 2019 तक पांच गांवों में जिनमें ग्राम भिलावली में 30, पटकुई में 42, मूंडरी में 26, पार गॉंव में 42 एवं देहरी  में 75 किशोरी बालिका स्वास्थ्य परीक्षण शिविर शिविर के दौरान किया गया। 03 दिसम्बर से 07 दिसम्बर 2019 तक हर दिन अपरान्ह 03 बजे से शाम 06 बजे तक चिकित्सालय की टीम ने उक्त गॉंवों के जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया।                   
        शिविर में चिकित्सालय की वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी सुश्री रूद्रा ने बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में बालिकाओं का वजन, उंचाई और हीमोग्लोबिन का परीक्षण किया गया। जिन बालिकाओं का हीमोग्लोबिन कम पाया गया उन्हे गुड मूंगफली की चक्की पूरक आहार के रूप में प्रदान किया गया। वहीं पेट के कीडे मानने दवा एलबेन्डाजोल तथा आयरन के कैप्सूल 15-15 दिन के लिए दिए गए। इसके बाद सुश्री रूद्रा ने किशोरवस्था में शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक बदलाव के प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा कर किशोरियों को स्वास्थ्य मार्गदर्शन प्रदान किया। शिविर के संचालन में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं और विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल  चिकित्सालय द्वारा निर्धारित किशोरी विकास योजना की स्वयंसेवी बहनों ने सक्रिय सहभाग दिया। 
      शिविर के आयोजन में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के गिरीश कुमार पाल, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी सुश्री रूद्रा, सीआरएस स्टाफ सुश्री भारती लोधी, वार्ड स्टाफ सुनीता अहिरवार, पटकई शासकीय हाईस्कूल के शिक्षक, आंगनबाडी केन्द्र की कार्यकर्ता एवं सहायिका आदि ने संहयोग किया। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत 13 से 19 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यामिक विकास की दृष्टि से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 
     विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के मध्यप्रांत की प्रांत संगठक एवं विवेकानन्द केन्द्र की जीवनव्रती कार्यकर्ता सुश्री रचना जानी के मागदर्शन में संचालित किशोरी विकास योजना में 24 गांवों की बहने शामिल है। गांवों में हर सप्ताह गांव की ही प्रशिक्षित किशोरी बहन द्वारा वर्ग लिया जाता है। समय समय पर किशोरी बालिकाओं का  स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। यदि स्वास्थ्य में कुछ कमी मिलती है, तो उसका उपचार किया जाता है। उन्हे स्वालंबन की दृष्टि से कम्प्यूटर आदि की शिक्षा दी जाती है। 


विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना

Friday, 6 December 2019

दिनांक 6 दिसम्बर 2019 को ग्राम आगासौद प्रोजेक्ट संजीवनी शिविर

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,
बीना, जिला- सागर (मप्र)

बच्चों की जांच कर दिया पोषण आहार और फलदार वृक्ष का पौधा

माताओं को सब्जियों के बीज देकर बताया हरी सब्जियों और फलों का लाभ
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय ने आगासौद ने लगाया प्रोजेक्ट संजीवनी शिविर
कुपोषित, कम वनज के बच्चों के साथ ही 70 सामान्य बच्चों का भी किया उपचार                   


        बीना। विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय द्वारा भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत चयनित गांवों में विगत 7 वर्ष पूर्व कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने प्रोजेक्ट संजीवनी की शुरूआत की थी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को एक बार फिर विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय द्वारा शुरू किया गया है। जिसके तहत दिनांक 6 दिसम्बर 2019 को ग्राम आगासौद में शिविर का आयोजन किया गया जिसमें बीना नगर के शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजब सिंह ठाकुर ने बच्चों का उपचार किया। शिविर में बीओआऱएल के उपाध्यक्ष श्री केपी मिश्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग की बीना विकासखंड प्रभारी श्रीमती निशा रतले, पर्यवेक्षक श्रीमती संगीता उपाध्याय, बीओआरएल के सीएसआर समन्वयक श्री हरिओम मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।।               
             शिविर में 9 कुपोषित बच्चों को जांच के पश्चात पोषण आहार के रूप में 15 दिवस के लिए चने का सत्तू, गुड़ तथा नारियल का तेल दिया गया। वहीं आवश्यक दवाएं एवं फलदार वृक्ष के पौधे जिनमें अमरूद, पपीता, आम, सीताफल, नींबू, मुनगा आदि के पौधे वितरित किये गए। इनके अलावा हरी सब्जियों के बीज के 3-3 पैकेट जिनमें पालक, लौकी, गिलकी, मूली, चुकन्दर आदि दिए गए। शिविर में कम वजन 22 बच्चों को भी पोषण आहार एवं पौधे एवं बीज के पैकेट दिए गए।                           
           शिविर में डॉ. अजब सिंह ठाकुर ने कुपोषित और कम वजन के बच्चों के अलावा अन्य 70 बच्चों का भी परीक्षण कर उनका उपचार किया। इस अवसर पर श्री केपी मिश्रा ने कहा कि कुपोषण एक अभिशाप है, समाज को इससे मिलकर लड़ना होगा। यदि परिवार सजग है तो बच्चों के पालन पोषण के समय पूरा ध्यान दिया जाए तो बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है। कम वजन के बच्चों को पोषण आहार और हरी सब्जियों को उचित मात्रा में खिलाकर उन्हें कुपोषण से बचाया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. अजब सिंह ठाकुर ने शिविर में पहुँची माताओ से आग्रह किया कि वे बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए उन्हें उचित पोषण दें, वहीं स्वच्छता का भी ध्यान रखें।                         
           शिविर के संचालन में आगासौद की चारों आंगनबाड़ी केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कमला, श्रीमती शीला कुशवाह, श्रीमती मनोरमा पाठक, एवं सहायिका आदि के अलावा गिरीश कुमार पाल, नर्सिंग ऑफिसर कमल रैकवार, कु.सुनीता भिलाला, वार्ड स्टाफ सदस्य श्रीमती उषा रैकवार तथा रविन्द्र आदि की सराहनीय भूमिका रही।       


विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना।